फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस क्या है (Franchise Business Kya Hai Hindi ?)
आपने अपने आसपास बड़ी बड़ी कंपनियों के स्टोर देखे होंगे जैसे की अमूल , मदर डेयरी , पेप्सी , रेमंड , केएफसी इत्यादि। ये सभी फ्रैंचाइज़ी बिजनेस होते हैं ।

जब कोई कंपनी एक ब्रांड बन जाती हैं । लोगों को कंपनी के प्रोडक्ट के ऊपर विश्वास हो जाता हैं की कंपनी हमारे साथ किसी प्रकार का धोखा नहीं करती तो लोग उसके नाम से प्रोडक्ट खरीदना पसंद करते हैं।

ऐसी कंपनीयो के लिए कर्मचारी हायर करके जगह जगह अपने स्टोर खोलना एक बड़ी चुनोती होती हैं। इसलिए कंपनिया इन सभी समस्याओ से बचने के लिए फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस के जरिए लोगों को अपने साथ जोड़कर उन्हे भी कमाई करने का मौका देती हैं।

किसी भी कंपनी का फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस शुरू करने के लिए आपको अलग अलग कंपनी के हिसाब से कुछ फीस चुकनी होती हैं। तभी आप किसी कंपनी का नाम इस्तेमाल करके बिजनेस शुरू कर सकते हो।

आपको कंपनी के नियम व शर्तों को ध्यान में रखते हुए बिजनेस करना पड़ता हैं। अगर आप कंपनी के नियम वे शर्तों के सहमत होते हो और कंपनी की फ्रैंचाइज़ी फीस जमा करते हो तभी आप किसी कंपनी की फ्रैंचाइज़ी ले सकते हो।

सभी बिजनेस की तरह फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस के अगर कुछ नुकसान हैं तो कुछ बड़े फायदे भी हैं। जिसकी जानकारी हम आपको विस्तार से देंगे।

फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस किसे करना चाहिए?
अगर आपके पास बड़ा बजट हैं। आप चाहते हैं की मेरा बिजनेस शुरू होते ही कमाई शुरू होने लगें। तो ऐसे में फ्रेंचाइज़ी बिजनेस ही एक बेहतर विकल्प हैं। जिसकी मदद से आप कम समय में अधिक कमाई कर सकते हैं।

फ्रेंचाइजी बिजनेस की खास बातें
फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस से जुड़ी हुई कुछ महत्वपूर्ण बातें जिनके बारें में आपको जरूर पता होना चाहिए। इसे भी

फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस शुरू करने वाले व्यक्ति की शुरुआत से ही अच्छी कमाई होने लगती हैं क्योंकि आप जिस भी कंपनी के साथ तरह फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस शुरू करते हो। उसके मार्केट में पहले से ही कस्टमर होते हैं। इसलिए आपको बिजनेस का प्रचार करने की जरूरत नहीं होती हैं।
फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस शुरू करने वाले व्यक्ति को किसी भी कंपनी के साथ फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस शुरू करने के लिए फ्रैंचाइज़ी फीस के अलावा भी काफी राशि खर्च करनी होती हैं। जैसे कि फ्रैंचाइज़ी स्टोर का किराया , माल की रकम , सेल्समैन की सेलरी इत्यादि।
किसी भी कंपनी के साथ जुड़कर आप तभी बिज़नेस शुरू कर सकते हो अगर आप उस कंपनी के नियम व शर्तों को फॉलो करते हो।
फ्रैंचाइज़ी देने वाली बहुत सी कंपनिया प्रोडक्ट के हिसाब से उपकरण, कच्चा माल भी देती हैं। ताकि उनके प्रोडक्ट की क्वालिटी पर किसी प्रकार का कोई गड़बड़ी न हो। इसलिए आपने देखा होगा की केएफसी बर्गर का जो टेस्ट इंडिया वाले बर्गर में हैं वही टेस्ट अमेरिका वाले बर्गर में मिलेगा।
अगर आप फ्रैंचाइज़ी बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा ताकि बाद में आपको ज्यादा परेशानी न हो।
किसी भी बिजनेस को शुरू करने से पहले उसकी लोकेशन के बारें में जानना बेहद महत्वपूर्ण हैं। बिजनेस कोई भी उसे सफल बनाने में लोकेशन का बड़ा योगदन होता हैं।

अगर आप किसी ऐसी जगह पर बिजनेस शुरू करते हो जहां पर उस प्रोडक्ट की डिमांड ही नहीं फिर चाहे आप कितनी भी बड़ी कंपनी से डील करके उसकी फ्रैंचाइज़ी क्यों न लें लो आपका बिजनेस फ्लॉप हो जाएगा।
फ्रैंचाइज़ी लेने से पहले यह जरूर जांच कर लें की आप जिस भी कंपनी से फ्रैंचाइज़ी लेना चाहते हैं क्या आपके आसपास उस कंपनी के कस्टमर मौजूद हैं या नहीं। अगर उस प्रोडक्ट का कस्टमर हैं तभी आगे बढ़ें। आप इसके लिए एक मार्केट रेसर्च भी जरूर करें।
हर कंपनी की फ्रैंचाइज़ी फीस अलग अलग होती हैं। ऐसी में बिजनेस शुरू करने से पहले आपको अपना बजट देखना होगा। कंपनियों की फ्रैंचाइज़ी फीस 5 लाख से शुरू होकर करोड़ों रुपये में जाती हैं। इसलिए अपना बजट देखने के बाद ही आप किसी कंपनी के साथ फ्रैंचाइज़ी की डील करें

फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस के फायदे (Benefits of Franchise Business)
आप जिस भी ब्रांड / कंपनी के साथ जुड़कर फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस शुरू करते हो आपको ज्यादा अपने बिजनेस के प्रचार में पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं होती हैं। क्योंकि फ्रैंचाइज़ी देने वाली कंपनियों के पास पहले से ही अपने कस्टमर होते हैं। जो उसके प्रोडक्ट को पसंद करते हैं।इसलिए आप इसे रेडीमेड बिजनेस भी कह सकते हैं।
जो व्यक्ति बिजनेस में निवेश करते हुए रिस्क लेने से डरते हैं, कहीं मेरा बिजनेस फेल ना हो जाए या जिनके पास किसी काम को करने का अनुभव नहीं हैं ऐसे लोगों के लिए फ्रेंचाइजी बिजनेस एक बेहतर विकल्प हैं।
फ्रैंचाइज़ी देने वाली बहुत सी कंपनिया ऐसी होती हैं। जिनके साथ बिजनेस शुरू करने के लिए आपको केवल दुकान या स्टोर की जरूरत होती हैं। बाकी कच्चे माल , उपकरण की जिम्मेदारी कंपनियों की होती हैं।
प्रोडक्ट सेल करते समय गारंटी और वारंटी की जिम्मेदारी कंपनी की होती हैं आपकी इसमें कोई जिम्मेदारी नहीं होती हैं। आपको जिम्मेदारी बस कंपनी के ज्यादा से ज्यादा प्रोडक्ट सेल करना हैं।
फ्रैंचाइज़ी बिजनेस शुरू करने के बाद आपको फ्री में ही बिजनेस के हुनर सीखने का मौका मिलता हैं। जैसे बिजनेस प्लानिंग कैसे की जाती हैं , मार्केटिंग स्ट्रैटेजी कैसे बनाई जाती हैं। जिसका फायदा आप बाद में किसी दूसरे बिजनेस में ले सकते हो।

कोई भी प्रोडक्ट कस्टमर को कितने रुपये में सेल करना हैं ये कीमत भी कंपनी तय करती हैं। इसलिए आपको रेट तय करने मे परेशान होने की जरूरत नहीं हैं। आपको उसी रेट में प्रोडक्ट सेल करना हैं।
जो कंपनी फिक्स करके आपको भेजती हैं आप अपने ज्यादा मुनाफे के चक्कर में कंपनी के रेट के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकते।
मार्केट में फ्रैंचाइज़ी देने वाली जितनी भी बड़ी बड़ी कंपनिया हैं उनके प्रोडक्ट नाम से इसलिए बिकते हैं क्योंकि लोगों को उन कंपनियों पर भरोसा होता हैं। इसलिए लोग कंपनी के प्रोडक्ट को पसंद करते हैं।
किन बिज़नेस की फ्रैंचाइज़ी ली जा सकती है
अगर आप फ्रेंचाइजी बिजनेस शुरू करने का सोच रहे हैं तो आपको पहले देखना होगा की आप किस कैटेगरी के प्रोडक्ट सेल कर सकते हो।

मार्केट में अलग अलग प्रोडक्ट कैटेगरी की फ्रेंचाइजी देने वाली अनेक कंपनियां हैं। जिनकी फ्रेंचाइजी लेकर आप अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर
फूड बिजनेस के लिए डोमिनोज़, केएफसी, बर्गर किंग,
कोल्ड ड्रिंक्स में पेप्सी
डेयरी प्रोडक्ट के लिए अमूल, मदर डेयरी , नमस्ते इंडिया , स्कूप, कैफे कॉफी डे
आयुर्वेद में पतंजलि , बैधनाथ
फैशन ब्रांड लैक्मे, लेंसकार्ट , रेमंड , पीटर इंग्लैंड

फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस की कमियाँ
फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस के अगर कुछ बड़े फायदे हैं तो इसके कुछ बड़े नुकसान भी हैं। जिनके बारें में बिजनेस शुरू करने से पहले आपको पता होना चाहिए। एक सफल बिजनेसमैन कैसे बनें ?

फ्रैंचाइज़ी देने वाली कंपनियों का एक बड़ा मार्केट होता हैं लेकिन फिर भी अगर किसी कारण वश आपका फ्रैंचाइज़ी बिजनेस मॉडल फ्लॉप हो जाता हैं तो इसकी जिम्मेदारी आपकी होती हैं फ्रैंचाइज़ी देने वाली कंपनी की नहीं
अगर आप अपने बिजनेस में फ्रैंचाइज़ी कंपनी के नियम से हटकर कुछ अलग करते हो तो आपको पहले इसकी जानकारी कंपनी को देनी होगी।
अगर कंपनी आपके प्लान से सहमत होती हैं। तभी आप उसे बिजनेस में लागू कर पाओगे। वरना आपकी फ्रैंचाइज़ी खतरे में आ सकती हैं।
फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस में आपका बिजनेस पर पूर्ण रूप से कंट्रोल नहीं होता हैं। इसलिए आपको उन्ही बातों को फॉलो करना होता हैं जो कंपनी बनाती हैं।
इस बिजनेस में आपकी जितनी ज्यादा कमाई होगी। उसका कुछ प्रतिशत हिस्सा कंपनी के साथ शेयर करना होगा।

लेख में आपने क्या सीखा
इस लेख में हमने आपको फ्रेंचाइजी बिजनेस के बारें में विस्तार से जानकारी दी हैं किस प्रकार कोई भी व्यक्ति किसी बड़ी कंपनी के साथ जुड़कर फ्रेंचाइजी बिजनेस शुरू कर सकता हैं। इस लेख में हमने आपको बताया है की

अगर आपको हमारी ये जानकारी पसंद आई हैं तो आप अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। इस जानकारी को अपने दूसरे दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें ताकि उन्हे भी फ्रेंचाइजी बिजनेस के इस मॉडल के बारे में पता चल सके।

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