भारत और अमेरिका के बीच 2020 में 2.6 अरब डॉलर में 24 हेलीकॉप्टरों की डील हुई थी। इसमें समुद्री हेलीकॉप्टर भी शामिल थे। उस समझौते के तहत भारत को पहले ही दो एमएच-60 रोमियो हेलीकॉप्टर मिल चुके हैं।
नौसेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि भारत को 2020 के भारत-अमेरिका समझौते के अनुसार 24 बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर मिलेंगे। अमेरिका ने 2021 में एक समारोह में तीन समुद्री हेलीकॉप्टर भारत को सौंपे थे। उस समय नौसेना के 18 कर्मियों को प्रशिक्षण के लिए अमेरिका भेजा गया था। अपना प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब तीन में से दो हेलीकॉप्टर भारत आ चुके हैं। अमेरिकी वायुसेना के एक सी-17 परिवहन विमान से दो हेलीकॉप्टर कोचीन हवाईअड्डे पर पहुंचे। एक हेलीकॉप्टर अगले महीने भारत आएगा।
MH-60 रोमियो समुद्री हेलीकॉप्टर पनडुब्बियों का शिकार करने में सक्षम हैं। लंबी दूरी तक दुश्मन के युद्धपोतों और पनडुब्बियों पर हमला करने में सक्षम इन हेलीकॉप्टरों को नौसेना में शामिल किए जाने से प्रशांत महासागर में भारत की ताकत बढ़ेगी। चीन की लगातार घुसपैठ को देखते हुए इन हेलिकॉप्टरों को अब प्रशांत महासागर में तैनात किए जाने की संभावना है.इन हेलीकाप्टरों को महासागरीय युद्धपोत कहा जाता है। इसके नाइट विजन डिवाइस, हेलिफायर मिसाइल और रॉकेट इसे और भी घातक बनाते हैं। हेलीकॉप्टर में अन्य हथियार रखने की व्यवस्था की गई है।
