धरती ने अपने गर्भ में आज भी कई ऐसे रहस्य छुपा रखे हैं जिनसे आज के दौर का इंसान पूरी तरह अनजान है. ये रहस्य समय के साथ साथ दुनिया के सामने आते रहते हैं. तूतेनखामेन का मकबरा भी एक ऐसा ही रहस्य था जिससे दुनिया 3000 से अधिक वर्षों तक अनजान रही. यह रहस्य दुनिया के सामने तब आया जब साल 1922 के नवंबर में ब्रिटिश इजिप्टोलॉजिस्ट हॉवर्ड कार्टर और उनकी टीम ने मिस्र के राजाओं की घाटी में तूतेनखामेन के मकबरे की खुदाई शुरू की.
3000 साल बाद सामने आया रहस्य

मकबरा 3000 साल से भी ज्यादा समय से रेगिस्तान के गर्भ में छिपा हुआ था। 4 नवंबर 1922 को जब कार्टर की टीम ने यहां खुदाई शुरू की तो उन्हें मकबरे की पहली सीढ़ी रेत में दबी मिली। अगले दिन उनकी टीम ने पूरी सीढ़ी की जांच की, और नवंबर के अंत तक, एक एंटेचैम्बर, एक खजाने की छाती और एक मकबरे का दरवाजा मिला था। कार्टर और उनकी टीम को आश्चर्य हुआ जब दरवाजे के एक छेद ने अंदर देखा और उन्हें सोने के खजाने से भरा एक कमरा मिला। 26 नवंबर तक, कार्टर और उनकी टीम को सोने का खजाना मिल गया था, लेकिन तूतनखामेन की ममी वाले ताबूत का पता काफी बाद में चला था.
कौन था तूतेनखामेन?
तूतेनखामेन मिस्र का शासक था, जो राजा टुट के नाम से मशहूर था. मिस्र का फेराओ राजा टुट मात्र 9 साल की उम्र में 1333 ईसा पूर्व में मिस्र का शासक बना था. बाद में जब उनकी मौत हुई तो परंपरा के अनुसार उनके शव को ममी बनाकर सुरक्षित रख दिख गया. उनकी ममी के साथ ढेरों कलाकृति, गहने और खजाने भी उनकी कब्र में दफनाए गए. लेकिन समय के साथ ये कब्र और ये खजाना रेगिस्तान की रेत में छिप गया.
खजाने सूची बनाने में लगे 10 साल

किंग टुट के मकबरे में हजारों कलाकृतियां, एक ताबूत, और एक प्रसिद्ध हेडड्रेस पाया गया था. मकबरे से इतना कुछ मिला की इनकी सूची बनाने में कार्टर और उनकी टीम को लगभग 10 साल लग गए थे. मकबरे की खोज के बाद से, किंग टुट दुनिया के सबसे प्रसिद्ध मिस्र के फेरोओ और वैज्ञानिकों तथा स्टूडेंट्स की रीसर्च का विषय बन गया.
किंग टुट की मौत कैसे हुई, इस बात ओर भी की सालों तक रहस्य बना रहा. कई लोगों ने बताया की राजा की मौत संदिग्ध परिस्थितयों में हुई थी, वहीं अन्य लोगों के अनुसार राजा की मौत एक दुर्घटना में हुई थी. बाद में, इस खोज के लगभग एक सदी बाद, वैज्ञानिकों ने डिजिटल इमेजिंग और DNA परीक्षण से पता लगाया कि किंग टुट मलेरिया के कारण मारा गया था.
