इस दुनिया में हम रोज किसी न किसी अजीब घटना के बारे में सुनते रहते है| कभी कभी तो इस रहस्यमयी दुनिया के रहस्यों को सुलझाने में उच्च दर्जे के वैज्ञानिकों के भी पसीने छूट जातें है| आईये आज आपको ऐसे ही एक रहस्यमयी घटना के बारे में बताते है, Death Valley Sailling Stone जो वैज्ञानिकों के लिए सरदर्द बन चुकी है|
Death Valley Sailling Stone
पूर्वी केलीफोर्निया के बॉर्डर पर स्थित डेथ वेली एक रेगिस्तानी क्षेत्र है| जहाँ दुनिया की सबसे ज्यादा गर्मी रिकॉर्ड की जा चुकी है| यहाँ ज्यादातर हमेशा सूखा रहता है| यह जगह वैज्ञानिकों का ध्यान अपनी तरफ खींचने में तब आयी, जब यहाँ जमीन पर पड़े बड़े-बड़े पत्थर अपने आप एक जगह से दूसरी जगह खिसकने लगे थे|
इन पत्थरों में छोटे से लेकर बड़े यानि 320 किलोग्राम तक के पत्थर भी अपने आप खिसक जाते है| इन पत्थरों का इस तरह से खिसकना नासा के वैज्ञानिकों के लिए सर दर्द बन गया है| लाख कोशिशें और कई लोगों के अनुमान गलत साबित करते हुए यहाँ मौजूद 150 से भी ज्यादा पत्थर अब भी यहाँ से वहां खसकते रहते है|
यह रेगिस्तानी एरिया लगभग 2.5 मील तक पूरी तरह से सपाट है| 90 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से तेज हवाएं चलती है और रात के वक़्त ठण्ड से बर्फ भी पड़ती है, तो वैज्ञानिकों को लगा कि हो सकता है बर्फ पड़ने से जमीन पर गीली मिट्टी की परत बनती हो और तेज हवा चलने पर ये पत्थर अपनी जगह से खिसकते हो| पर इन सब से कुछ जाहिर नहीं हो पाया| किसी ने कहा की यहाँ की जमीन पर माइक्रोब्स साइनोबैक्टीरिया (शैवाल/काई) पैदा होते है, जो पत्थरों को जमीन में पकड़ बनाने नहीं देते, हो सकता है इस वजह से ये पत्थर खिसक रहे हो|
पर, अगर ऐसा होता भी हो तो इतने वजन वाले इन पत्थरों का एक ही महीने के अंतराल में करीब 1 किलोमीटर तक की दुरी कैसे तय कर सकते है| इन सब के बीच कुछ लोगों ने तो इसके पीछे पारलौकिक शक्तियों का होना बताया है| पर इन सारी राय और इतने सारे शोधों के बावजूद ये सारे पत्थर अपनी जगह बदलते रहते है, जो अब तक एक रहस्य बना हुआ है|
