आईटी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने हाल ही में सालाना रिपोर्ट जारी किया है, जिसमें उसने अपने चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) सी विजयकुमार को एक साल में मिली पूरी सैलरी का ब्योरा दिया है। कंपनी के मुताबिक बीते वित्त वर्ष में विजयकुमार को कंपनी की ओर से कुल 16.52 मिलियन अमेरिकी डॉलर बतौर रिम्यूनरेशन उपलब्ध कराया गया है। इस तरह से विजयकुमार इस समय में भारत में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले सीईओ हो चुके हैं। हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि विजयकुमार की जो कुल आमदनी है, उसका तीन-चौथाई हिस्सा लंबी-अवधि वाले लाभ (Long-Term incentive) के रूप में शामिल है।आईटी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने हाल ही में सालाना रिपोर्ट जारी किया है, जिसमें उसने अपने चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) सी विजयकुमार को एक साल में मिली पूरी सैलरी का ब्योरा दिया है। कंपनी के मुताबिक बीते वित्त वर्ष में विजयकुमार को कंपनी की ओर से कुल 16.52 मिलियन अमेरिकी डॉलर बतौर रिम्यूनरेशन उपलब्ध कराया गया है। इस तरह से विजयकुमार इस समय में भारत में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले सीईओ हो चुके हैं। हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि विजयकुमार की जो कुल आमदनी है, उसका तीन-चौथाई हिस्सा लंबी-अवधि वाले लाभ (Long-Term incentive) के रूप में शामिल है।

एक साल में मिली 123.13 करोड़ रुपये की सैलरी
अगर रुपयों के हिसाब से देखें उन्हें एक साल में कंपनी से कुल 123.13 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस तरह से अगर उनके मासिक वेतन का हिसाब देखें तो यह रकम 10 करोड़ रुपये से ज्यादा होती है। कंपनी ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा है, ‘सी विजयकुमार को कंपनी से कोई रिम्यूनरेशन नहीं मिला है, हालांकि उन्हें एचसीएल अमेरिका से 16.52 मिलियन यूएसडी (123.13 करोड़ रुपये) का रिम्यूनरेशन (एलटीआई-लंबी अवधि के लाभों के साथ) मिला है, जो कि कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी से एक कदम नीचे है। ‘

20 लाख डॉलर बेस सैलरी

एचसीएल ने विजयकुमार को पिछले साल मिले सालाना वेतन का पूरा ब्योरा भी दिया है। इसके मुताबकि उन्हें सालाना बेस सैलरी के तौर पर 20 लाख डॉलर का भुगतान किया गया और इतनी ही रकम यानी 20 लाख डॉलर वेरीअबल के तौर पर मिला। बाकी लाभ के तौर पर उन्हें 20,000 डॉलर प्राप्त हुए। जबकि लंबी-अवधि के लाभ (एलटीआई) के तौर पर कंपनी से 12.50 मिलियन डॉलर का वेतन प्राप्त हुआ और इस तरह से उनका नाम भारत के सबसे ज्यादा सैलरी 16.52 मिलियन यूएसडी (123.13 करोड़ रुपये) लेने वाले सीईओ के रूप में शामिल हो गया।

एलटीआई के अलावा वेतन में बदलाव नहीं

एचसीएल का कहना है कि एलटीआई छोड़कर साल 2021-22 में उनके कुल वेतन में कोई बदलाव नहीं किया गया। एलटीआई का भुगतान निश्चित अंतरात पर (दो साल के अंत में) किया जाता है। ‘इस हिसाब से एलटीआई का भुगतान दो वर्षों के लिए है, जो 31 मार्च, 2021 को समाप्त हुआ। यानी वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 6.25 मिलियन अमेरिकी डालर और वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 6.25 मिलियन अमेरिकी डालर।

बाकी सीईओ के मुकाबले कितने आगे ?

मार्च 2020 में एलटीआई को हटाकर एचसीएल के विजयकुमार का रिम्यूनरेशन 10.27 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा था। जबकि, तब विप्रो के सीईओ थियरी डेलापोर्टे की कमाई 10.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर थी। वहीं इंफोसिस के सीईओ, सलिल पारेख को 2021-22 में कुल भुगतान में 43 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और उन्हें 10.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष प्राप्त हुआ। जबकि, भारत की एक और हाई प्रोफाइल आईटी कंपनी टीसीएस ने अपने सीईओ राजेश गोपीनाथन को 3.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया।

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