राजस्थान के भीलवाड़ा से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है. यहां के एक परिवार ने बेटे की शादी के बाद बहू का वर्जिनिटी टेस्ट करवाया और फिर उसे घर से निकाल दिया. बात यहीं खत्म नहीं हुई, बल्कि दुल्हन के घरवालों पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया गया. ये जुर्माना गांव की खाप पंचायत ने लगाया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जुर्माना अदा न कर पाने की सूरत में लड़की को प्रताड़ित भी किया गया.
“Rape survivor fails 'virginity test' in Rajasthan, fined ₹10 lakh by Khap Panchayat
The woman’s father-in-law is a head constable and was aware of the incident that happened with the girl”https://t.co/IcPosqMWqI
-via @inshorts— Amrita Bhinder ?? (@amritabhinder) September 5, 2022
भीलवाड़ा जिले के बागोर थाना क्षेत्र के इंचार्ज अयूब खान ने बताया कि 11 मई 2022 को भीलवाड़ा शहर की 24 वर्षीय लड़की की शादी बागौर के एक लड़के से हुई थी. बताया जा रहा है कि इस समाज में प्रचलित कुकड़ी नामक कुप्रथा के तहत शादी के बाद लड़की का वर्जिनिटी टेस्ट किया गया. इसके बाद उसने ससुरालवालों को बताया कि उसके पड़ोस में एक लड़का रहता था, जिसने शादी से पहले उसके साथ दुष्कर्म किया था. इस जवाब से लड़की के ससुराल वालों को संतुष्टि नहीं मिली.
खाप पंचायत का मनमाना फरमान
Pained by this atrocious misogynistic underbelly that plagues Rajasthan even in 2022. How can we as society evolve when a 24-year-old woman is fined Rs 10 lakh for failing virginity test, by Khap Panchayat in Bhilwara
FULL: https://t.co/EXd01Kz5He…pic.twitter.com/oDpBmV6Nla
— Rohan Dua (@rohanduaT02) September 5, 2022
मामला इतना बढ़ गया कि लड़की के ससुरालवालों ने बागोर थाना क्षेत्र के भादू माता मंदिर में समाज की खाप पंचायत बुला ली. इस दौरान लड़की के घरवालों ने पंचायत को बताया कि 18 मई को भीलवाड़ा के सुभाषनगर थाने में लड़की के साथ हुए दुष्कर्म की रिपोर्ट भी लिखाई गई थी. खाप ने इस दौरान कोई फैसला नहीं सुनाया लेकिन 31 मई को दोबारा बैठी पंचायत ने लड़की के घरवालों पर 10 लाख का जुर्माना लगा दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पंचायत ने ये जुर्माना लड़की के लिए अनुष्ठान और और उसके शुद्धिकरण के नाम पर लगाया है.
खाप पंचायत के इस मनमाने फैसले के बाद लड़की के घर वालों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस उप अधीक्षक ने मामले की जांच की और इस मामले को सही पाया. भीलवाड़ा जिले की बागोर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. पुलिस ने जांच के आधार पर बताया कि मंदिर में पंचायत बुलाई गई थी. इस संबंध में वहां के पुजारी समाज के पंच और अन्य लोगों के बयान लिए गए, सामने आया कि शादी के बाद कुकड़ी प्रथा के अंतर्गत दुष्कर्म पीड़िता का वर्जिनिटी टेस्ट किया गया, जिसमें वह पास नहीं हो पाई. इस वजह से परिजनों पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया. इतना बड़ा जुर्माना न चुका पाने के कारण लड़की के घरवालों और लड़की को पिछले 5 माह से प्रताड़ित किया जा रहा था.
क्या है कुकड़ी कुप्रथा?

बता दें कि कुकड़ी एक ऐसी कुप्रथा है जिसमें वर्जिनिटी टेस्ट के लिए शादी के बाद सुहागरात के समय दूल्हा दुल्हन के मिलन के वक्त घरवाले बेड पर सफेद चादर बिछाने के साथ कच्चे सूत की एक गेंद रख देते हैं. इस गेंद को ही सूत कहा जाता है. सुहागरात के बाद परिवार के सदस्य कुकड़ी और सफेद चादर को देखते हैं. अगर इन पर खून के धब्बे मिलते हैं तो दुल्हन वर्जिनिटी टेस्ट में पास होती है. लेकिन, अगर ऐसा न हो तो दुल्हन पर चरित्रहीन होने का आरोप लगा दिया जाता है. इसके बाद लड़की को मार-पीट कर उससे उसके पहले के संबंध के बारे में जानकारी ली जाती है और फिर उसके घरवालों से जुर्माना वसूला जाता है. हैरान करने वाली बात है कि आज के समय में भी ऐसी कुप्रथा का चलन जारी है.
