दूल्हे के हाथ में तलवार क्यों दी जाती है?
वर्तमान भारतीय रीति रिवाज ऐतिहासकि घटनाओं, परंपराओं और मान्यताओं पर आधारित है। इनमे से कुछ के अपने मायने है।
पुराने ज़माने में जब शादी होती थी और बारात जाती थी तब बारात जाने में और वापिस आने में काफी समय लगता था , क्योंकि पुराने समय में आज की तरह वाहन नहीं होते थे, बेल गाड़ी, घोड़े हाथी इत्यादि होते थे।

जाने में भी समय लगता था, पहुंचने के बाद रीति रिवाजों में भी समय लगता था, इसलिए बारात कुछ दिन वहीं रुकती थी और वापिस आने में फिर इतना समय लगता था जितना जाने में।
इतने लंबे सफर में रास्ते भी सुनसान होते थे, और बारात लुटने का बहुत खतरा होता था। रास्ते में लुटेरे बारात से कीमती समान लुटने की फिराक में छुपे रहते थे।
कई बार दुल्हन को भी लेजाते थे, लोगो की हत्याएं के दी जाती थी।
इसलिए बाराती अपने साथ हथियार भी लेजाते थे। इसमें मुख्य रूप से दूल्हे के हाथ में तलवार होती थी जो इस बात का प्रतीक थी की वो अपनी होने वाली दुल्हन की रक्षा करेगा और सही सलामत शादी करके पुनः घर सकुशल वापिस आएगा पूरी बारात के साथ।
