जीवनयापन के लिए हम कोई भी काम उठा लेते हैं. सभी की जीवनशैली अलग है और संघर्ष भी. एक्स्ट्रा पॉकेट मनी के लिए हमने भी पड़ोसियों के काम में मदद की है, ट्यूशन पढ़ाए हैं. कुछ लोग कॉलेज में कैफ़ेज़ में काम करते हैं. सिक्योरिटी गार्ड्स को भी आपने किताबें पढ़ते और ड्यूटी संभालते देखा ही होगा. ऐसी कहानियां कुछ कर गुज़रने के लिए प्रेरित करती हैं, मुश्किलों में भी संबल देती है.

पढ़ाई के लिए बेच रही है गोलगप्पे

ज़िला मोहाली, पंजाब में रहती है पूनम. इंस्टाग्राम फ़ूड ब्लॉगर, हैरी उप्पल ने पूनम की कहानी शेयर की है. पूनम पापड़ी चाट, आलु टिक्की, दही भल्ले और गोलगप्पे बेचती है. पूनम आलु टिक्की, पापड़ी, चटनियां आदि चीज़ें खुद बनाती हैं. हैरी उप्पल से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैंने कुछ सीखा नहीं है, जो कर रही हूं खुद से कर रही हूं.’

डेंटल में नौकरी करती थी

पूनम ने बात-चीत के दौरान बताया कि पहले वो नौकरी करती थी. उनकी दोस्त ने उन्हें डेंटल में नौकरी लगवा दी थी और पूनम डेंटल फ़ील्ड में ही जॉब करती थीं. नौकरी करते हुए पूनम को पढ़ाई करने में दिक्कतें आ रही थीं. पूनम ने वौ नौकरी छोड़ दी.

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शायद ही कोई चाट, गोलगप्पे आदि बेचने के बारे में सोचता है. हम सभी दफ़्तर में नौकरी करने के बारे में ही सोचते हैं और कोशिशें करते हैं. पूनम ने बताया कि उन्होंने भी पहले नहीं सोचा था कि वो गोलगप्पे की रेहड़ी लगाएंगी. घरवालों को भी पहले दिक्कत थी लेकिन अब सब ठीक है.

पूनम की कहानी हम सभी के लिए प्रेरणा है. कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता.

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