एक खलनायक किसी भी दमदार फिल्म के लिए उतना ही जरूरी है जितना की एक हीरो. हिंदी सिनेमा ने एक समय में ऐसे ऐसे खलनायक दिए हैं जिन्हें पर्दे पर देखने भर से पता चल जाता था कि अब कुछ ना कुछ बड़ा कांड होने वाला है. लेकिन समय के साथ हिंदी सिनेमा में अधिकतर खलनायकों का लुक ऐसा बना दिया गया है कि कुछ समय तो ये समझने में लग जाता है कि नायक कौन है और खलनायक कौन?

गुडलुकिंग खलनायकों की इस रेस में हिंदी सिनेमा उन खलनायकों की खलनायकी को बहुत पीछे छोड़ आया जिन्हें पर्दे पर देख कर मन में एक खौफ बैठ जाता था. लेकिन शुक्र है साउथ सिनेमा ने ऐसे खलनायकों का साथ नहीं छोड़ा. भले ही यहां गुडलुकिंग खलनायक भी हों लेकिन इसके साथ ही इस इंडस्ट्री ने प्योर खलनायकों के चलन को भी संभाले रखा है.

तो चलिए जानते हैं कि उन खलनायकों के बारे में जिनके कंधों पर सिर्फ साउथ ही नहीं बल्कि बॉलीवुड भी टिका हुआ है :

1. प्रदीप रावत

उस खलनायक की हम भला क्या ही बात करें जिसके किरदार के नाम पर ही फिल्म का नाम रख दिया हो. जी हां हम बात कर आढ़े हैं सुपरहिट फिल्म गजिनी के गजिनी धर्मात्मा उर्फ प्रदीप सिंह रावत की. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मशहूर टीवी सीरियल ‘महाभारत’ में द्रोणाचार्य के बेटे अश्वस्थामा के किरदार से की थी. प्रदीप ने कई फिल्मों में क्रूर खलनायक की भूमिका निभाई है. साउथ इंडस्ट्री के मशहूर खलनायकों में शुमार प्रदीप ने सरफ़रोश, लगान, गजनी जैसे कई हिंदी फिल्मों में भी शानदार काम किया है.

2. नास्सर

450 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके नास्सर को हिंदी पट्टी में खास तौर पर बाहुबली फिल्म के बिज्जालदेव के रूप में जाना जाता है. वह एक एक्टर होने के साथ साथ डायरेक्टर, राइटर और प्रोड्यूसर्स भी हैं. उन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग से लाखों-करोड़ों लोगों को अपना फैन बनाया हुआ है. साउथ सिनेमा के जाने माने खलनायक होने के अलावा इन्होंने हिंदी फिल्मों में भी काम किया है.

3. अजय

नाम से भले ही ना सही लेकिन शक्ल से इन्हें हर सिनेमा प्रेमी जानता है. अजय अपनी दमदार एक्टिंग और अपने खूंखार किरदारों की वजह से जाने जाते हैं. अजय की खलनायकी का ये आलं है कि अगर ये किसी फिल्म में अच्छे इंसान का किरदार निभाते हैं फिर भी लोगों को फिल्म के अंत तक इन पर शक लगा रहता है.

4. आशीष विद्यार्थी

19 जून 1962 में केरल के कन्नूर में जन्मे आशीष विद्यार्थी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. उन्हें जितना हिंदी इंडस्ट्री में जाना गया उतनी ही पहचान उन्हें साउथ इंडस्ट्री में मिली. पहले हिंदी फिल्मों तथा फिर साउथ की फिल्मों में निगेटिव रोल निभाने वाले आशीष ने ‘द्रोहकाल’ नामक फिल्म से इंडस्ट्री में कदम रखा और अपनी पहली ही फिल्म के लिए सपोर्टिंग रोल कैटॉगरी में ‘नेशनल अवॉर्ड’ जीत लिया. वह 11 अलग-अलग भाषाओं में 250 से भी ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं.

5. मुकेश ऋषि

आशीष विद्यार्थी की ही तरह एक समय मुकेश ऋषि का भी हिंदी सिनेमा में एक खलनायक के रूप में खौफ छाया रहा. 90 के दशक में उन्होंने एक से एक खलनायक का किरदार निभाया. खलनायक मुकेश ऋषि अपनी फिट बॉडी के कारण भी काफी प्रचलित हुए. हिंदी के साथ साथ उन्होंने साउथ इंडस्ट्री में भी एक खलनायक के रूप में अपना सिक्का जमाया. जम्मू कश्मीर में जन्मे मुकेश ने फैमिली बिजनेस को छोड़कर फिजी आइलैंड में एक स्टोर पर नौकरी करते थे. यहीं से इन्होंने पहले मॉडलिंग की और फिर भारत आकर फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाई. मुकेश अभी तक 170 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं.

6. सयाजी शिंदे

साउथ सिनेमा के जाने माने खलनायक, अभिनेता सयाजी शिंदे एक मराठी हैं. उन्होंने 250 से ज्यादा मराठी, तेलुगु, कन्नड़, मलयामल और हिंदी फिल्मों में काम किया है.

7. प्रकाश राज

प्रकाश राज आज किसी भी परिचय के मोहताज नहीं हैं. उन्होंने साउथ ही नहीं बल्कि हिंदी सिनेमा में भी खलनायकी को एक नया आयाम दिया है. 400 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके उन गिने चुने अभिनेताओं में से हैं जिन्होंने एक खलनायक के रूप में लोगों का प्यार पाया. प्रकाश राज की अपनी अलग ही फैन फॉलोविंग है. इसके साथ ही प्रकाश राज थिएटर की दुनिया का भी बड़ा नाम हैं. उन्होंने 2 हजार से भी ज्यादा नाटकों में काम किया है.

8. सुमन

सुमन भी उन अभिनेताओं में से एक हैं जिन्हें हिंदी पट्टी के सिनेमा प्रेमी नाम से नहीं बल्कि उनकी खलनायकी से जानते हैं. रजनीकान्त स्टारर फिल्म शिवाजी में खलनायक आदिशेषण की भूमिका निभा कर छा जाने वाले सुमन ने 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है. उन्हें हिंदी फिल्म गब्बर में अपने अभिनय के लिए भी खूब सराहा गया था.

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