कभी भी हमारे हाथों कुछ ऐसा हो जाता है, जिससे खुद अचंभे में पड़ जाते हैं कि आखिर ये हमने किया कैसे? इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं जहां साधारण लोगों ने असाधारण काम कर दिखाए. ऐसे में जब बात तकनीक की दुनिया की हो तो ये लिस्ट लंबी होती चली जाती है. साइबर और इंटरनेट की दुनिया पर चल रही हमारी इस खास सीरीज में इस बार हम ऐसे ही एक इंसान का कारनामा बता रहे हैं, जिसने बस एक क्लिक से पूरी दुनिया को ये बता दिया कि अगर उसे नहीं रोका गया तो उसमें इतनी समझ है कि वह हर मुल्क को अपने सामने झुका दे.
ये शख्स कोई महान इंजीनियर या वैज्ञानिक नहीं बल्कि 15 साल का एक बच्चा था. उसका नाम है माइकल कैल्से. हालांकि समय रहते छोटे माइकल को इस बात का एहसास हो गया कि उसका दिमाग बेकाबू हो सकता है इसलिए उसने खुद को सही रास्ते पर मोड़ लिया. इसके बावजूद अमेरिका की सरकार ने छोटे माइकल के कारनामे से घबराकर उनके इंटरनेट के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदियां लगा दी.
अकेलेपन ने खोला इंटरनेट का द्वार
माइकल कैल्से आज अमेरिका का वो जाना-माना चेहरा है, जिसके पास सबसे तेज और आधुनिक तकनीकी समझ है. अमेरिकी सरकार, नामी कंपनियां उन्हें आपने यहां इसलिए बुलाती हैं ताकि वे उनके सिस्टम की तकनीकी खामी देख सकें. अमेरिका की सरकार की खुफिया वेबसाइट, सरकारी कामकाज की वेबसाइट और दूसरी अन्य जरूरी वेबसाइट को हैकर्स से बचाने में माइकल मदद करते हैं.
लेकिन माइकल को यहां तक पहुंचने से पहले जेल की यात्रा करनी पड़ी थी. माइकल के माता-पिता का तलाक हो चुका था. बच्चे की कस्टडी मां के पास रही लेकिन माइकल सप्ताह के आखिरी दिन अपने पिता के साथ बिताते थे. माइकल ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके पिता ज्यादा बात नहीं करते थे, उन्हें नहीं पता था कि बच्चे के साथ समय कैसे बिताएं, उसे कैसे व्यस्त रखें. फिर एक दिन वो अपने ऑफिस से कम्प्यूटर घर ले आए. उस वक्त माइकल की उम्र महज 6 साल थी. 6 साल के माइकल के लिए कम्प्यूटर एक खिलौना बन गया. उस पर कर्सर घुमाते हुए अकेले ही बहुत कुछ सीख लिया. पिता को ये सोचकर चैन मिल गया कि अब उन्हें बच्चे को संभाले की जरूरत नहीं है.
माइकल सप्ताह में दो दिन पिता के साथ उनके घर पर रहते और वहां सारा दिन और रात केवल कम्प्यूटर पर बिताते. बिना किसी किताब की मदद या टीचर की सहायता के माइकल ने कम्प्यूटर चलाना, इंटरनेट का इस्तेमाल सीख लिया. 10 साल की उम्र तक माइकल ने इंटरनेट पर हैकिंग का अर्थ समझ लिया और उस वक्त के टॉप हैकर्स के कॉन्टेक्ट में आ गया.
जब घबरा गए अमेरिका के राष्ट्रपति
12 साल की उम्र में माइकल ने माफियाबॉय के नाम से अपना एक अकाउंट बनाया. इस अकाउंट के जरिए उसने आसपास के कुछ छोटे मोटे स्टोर, लाइब्रेरी के अकाउंट हैक करना शुरू कर दिया. माइकल लाइब्रेरी के अकाउंट हैक कर किताबों की जानकारी ले लिया करता था. ये वो दौर था जब हैकर्स हैकिंग के जरिए कंपनियों का डाटा चुराते और बदले में फिरौती की रकम मांगते थे पर माइकल ने ऐसा नहीं किया. वो डाटा चोरी कर बस उसकी जानकारी लेता और कुछ वक्त बात सब ठीक कर देता.
साल 2000 में अमेरिका सहित पूरी दुनिया की नामी कंपनियों की वेबसाइट अचानक बंद हो गईं. इनमें सीएनएन, डेल, अमेज़ॅन, याहू और ईबे जैसी कंपनियों के नाम शामिल थे. वेबसाइट बंद होने से अचानक शेयर मार्केट में भूचाल आ गया. कंपनियों के शेयर तेजी से गिरने लगे. निवेशकों को नुकसान होने लगा. जिसका सीधा असर अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर होने वाला था. इसके बाद सरकार ने फुर्ती दिखाई और एक्सपर्ट का पैनल तैयार किया. माइकल बताते हैं उस वक्त खुद संयुक्त राज्य अमेरिका के तात्कालिक राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और अटॉर्नी-जनरल जेनेट रेनो टीवी पर आए. उन्होंने इस घटना को अपराध बताया और कहा कि वे अपराधी को ढूंढ निकालेंगे. जब ये खबर टीवी पर सुनी तो माइकल को समझ आया कि ये मजाक अंजाने में अपराध बन गया है.
माइकल ने किसी कंपनी से कोई फिरौती नहीं मांगी थी पर हैक की गई 16 कंपनियों में $1.7 बिलियन डॉलर की वित्तीय क्षति हुई. इसके अलावा शेयर मार्केट को जो नुकसान हुआ वो भी कम नहीं था. तकनीकी टीम ने कुछ सप्ताह में इस खामी को दूर कर दिया और माइकल की तलाश की. माइकल अपना अनुभव बताते हुए कहते हैं कि वो बुरी तरह डर गए थे.
“मेरी उम्र केवल 15 साल थी. मुझे नहीं पता था कि ये अपराध है. पुलिस की एक वैन मेरे घर के पास थी और दूसरी मेरे घर से कुछ दूर. मैंने दरवाजा खोलकर देखा तो एहसास हुआ कि अब कोई नहीं बचा सकता. इसलिए मैं वहां से भागा नहीं.
पुलिस ने 15 साल के माइकल को हिरासत में ले लिया और उसका कम्प्यूटर भी जब्त कर लिया.
सरकार ने लगा दी पाबंदियां
चूंकि माइकल नाबालिग था इसलिए उसे अमेरिका की कोर्ट ने 50 अपराधों का दोषी मानते हुए किशोर सुधार गृह में भेज दिया. माइकल बताते हैं कि जज ने सख्त शब्दों में कहा था कि तुम बाकी अपराधियों से अलग हो पर इसका अर्थ ये नहीं कि जो तुमने किया उसके लिए माफ कर दिया जाए. इसलिए तुम्हें 8 माह जेल में बिताने होंगे. लेकिन 8 माह बाद जब तुम बाहर आओगे तब उम्मीद की जाएगी कि अपने दिमाग और तकनीक का इस्तेमाल देश की तरक्की के लिए करो, ना कि अपराध के लिए.
8 माह की सजा पूरी होने के बाद माइकल सुधार गृह से बाहर आए और पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने तकनीक के क्षेत्र में ही अपना करियर बनाया. हालांकि सरकार ने उन पर कई तरह की पाबंदियां डाल दीं. जैसे उनके इंटरनेट के इस्तेमाल पर हमेशा सरकार की नजर होती. वे कभी किसी की वेबसाइट या सिस्टम हैक नहीं कर सकते. ना ही वे किसी को हैकिंग के बारे में जानकारी देंगे. उनका कम्प्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल आज भी अमेरिकी सरकार की निगरानी में है.
हालांकि माइकल अब खुद सरकार और कंपनियों के लिए काम करते हैं. वे सिस्टम की तकनीकी खामियों को खोजते हैं और उन्हें दूर करने में मदद करते हैं. सरकारी कामकाज की गोपनियता को बनाएं रखने के लिए उन्होंने कई तरह के सॉफ्टवेयर तैयार किए हैं.
