महात्मा गाँधी के परिवार वाले कुछ कोंग्रेस से जुड़े है और वर्तमान फर्जी गाँधी परिवार के लिए चापलूसी का काम करते है ,किन्तु यहां मैं गाँधी के अपने परिवार के स्वयं गाँधी के सबसे प्रिय कानुभाई गाँधी की बात करूँगा । जिन्होंने कभी किसी सरकार या पार्टी की चापलूसी नही की ।
महात्मा गाँधी के आश्रम की जो भी तस्वीरे आप देखते है वो कनुभाई के कैमरे से ही खिंची गयी है । यह कैमरा उनको घनश्यामदास बिड़ला ने खरीद कर दिया था ।
कनुभाई भाई नासा में वैज्ञानिक थे रिटायमेंट के वाद भारत आ गए ,उनके कोई बच्चा नही था ऐसे में दिल्ली के एक
ओल्ड एज होम
में रहते थे क्योंकि उनके परिवार वालो ने उनकी जिम्मेदारी नही ली
मालूम है आप को तब उनकी मदद किसने की ?
उस विचारधारा के लोगो ने जिनको वुद्धिजीवी और कोंग्रेस वाले गाँधी की हत्या का जिम्मेदार बताते है यानी संघ और भाजपा के लोगो ने
अब उनकी मौत हो गयी है लेकिन उनकी अंतिम समय मे ना तो कोई कोंग्रेसी उनकी मदद करने आया ना ही कोई फर्जी गाँन्धी न कोई और फर्जी गाँधीवादी
